रामदेव का कथन कि पतंजली के CEO को जहरीला पेड़ा खिलाया गया

रामदेव का कथन कि पतंजली के CEO को जहरीला पेड़ा खिलाया गया हास्यास्पद लग रहा है , यद्यपि यह एक जाँच का विषय है !
पतंजली के उत्पादों पर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं!बात आई गई हो गई ! कारण कि सत्ता का वरद हस्त इसे प्राप्त है!
पतंजली कॉरपोरेट घराने का अल्प अवधि में मालोमाल हो जाना भी एक गंभीर जॉच का विषय है !
साथ ही आयुर्वेद के क्षेत्र में इसके CEO व रामदेव की विद्वता की जॉच भी एक्सपर्टस से कराई जानी चाहिए ! इस हेतु आर्युवेदशाला कोझीकोड , केरल एक विश्वसनीय स्थल है !
यह बात सही है कि एलोपेथी सबसे एडवांस व विश्वसनीय है और आपात काल में एलोपेथी का कोई मुकाबला नहीं है !लेकिन आयुर्वेद का भी अपना महत्व है,जिसे नकारना होशियारी नहीं।
जहां तक रैकेटिर्यस की बात है वो हर जगह मौजूद हैं।
इसमें दो राय नहीं कि तमाम दिक्कतों (खासकर भारी भीड़) के वाबजूद आज की तारीख में एम्स दिल्ली की एक साख है अौर देश के हर प्रदेश में दिल्ली के स्तर के एक एम्स की स्थापना होनी चाहिए।
लेकिन अपने अंतिम समय में एम्स का मुंह ताकने वाली सत्ता तो चिकित्सा क्षेत्र के निजीकरण करने को बदहवास हुई जा रही है !

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